वक्त
हरे भरे अम्बोरियो
से लदे हुए
एक पेड़ को
एक दिन मैंने कुछ
झुका हुआ सा पाया
पुछा जो उससे कारण
तो उसने कुछ रुका हुआ सा बताया
बोला अम्बोरिया है ज्यादा
और पानी है कम
कुछ अम्बोरिया
इसी गम मै छोड़ गयी मेरा साथ
बाकि बची अम्बोरिया भी कुछ दूर
देंगी साथ .
पता होता मुझको अगर
होगा कुछ यू
तो संभाल के रखता पानी
और मरता ना मै यू
अम्बोरिया = बच्चे
पेड = पिता
पानी = पैसा
गगन
१३ फ़रवरी 2011