बेवजह आसुओं की कतारों में खड़े थे हम
और ख़ुशी हमसे गैरो का पता पूछ गयी
गम में हमारे शरीकेहयात हुआ सावन
मगर आँखों में अटक गया है
कुछ हिचकी सी हुई
मगर हमने खुद को रोका हुआ है ....
शरीकेहयात = हमसफ़र Gagan ... June-27th-11
और ख़ुशी हमसे गैरो का पता पूछ गयी
गम में हमारे शरीकेहयात हुआ सावन
मगर आँखों में अटक गया है
कुछ हिचकी सी हुई
मगर हमने खुद को रोका हुआ है ....
शरीकेहयात = हमसफ़र Gagan ... June-27th-11