तेरी आश्कि
तेरी आश्कि करने के लिए ,
मुझे पीने की जरुरत नहीं !
की तेरा नशा ही काफी है ,
मेरे होश उड़ाने के लिए !
कभी कभी जो मै पी भी लेता हूँ ,
उसमे भी तू ही नज़र आता है !
क्या करू इस कम्बखत दिल का ,
तेरा चेहरा मुझे हर वक़्त याद आता है!
Gagan
May-8th-2015