Wednesday, June 9, 2010

मेरी जिंदगी

मै चलते चलते
कहा आ गया
राह मे दो पल
रुका तो था
पर वक्त की चाल
ने मुझे फिर चला दिया .

जिंदगी मुझे ले कर
कुछ य़ू आगे बड़ी
मै राह के हर
मोड़ भूल चला

राही बहुत से
मिले राह मे
पर साथ चलने वाले ने
साथ छोड़ दिया .

और मै राह में कुछ
इस तरह भटका
की राही मंजिल
सब भूल गया

मै चलते चलते
कहा आ गया ..........

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