जिदगी की शुरुवात हमने
इस मंजिल के लिए तो नहीं की थी
सुबह के इंतजार मै अँधेरे की उम्मीद तो नहीं की थी
क्या पता था इस मोड़ पे आकर ठहर जाएगी
वरना आगाज़ मे हमने इस अंजाम की उम्मीद तो नहीं की थी .. .
इस मंजिल के लिए तो नहीं की थी
सुबह के इंतजार मै अँधेरे की उम्मीद तो नहीं की थी
क्या पता था इस मोड़ पे आकर ठहर जाएगी
वरना आगाज़ मे हमने इस अंजाम की उम्मीद तो नहीं की थी .. .
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